हरियाणा को मिली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद
जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी 10 कोच वाली ग्रीन एनर्जी ट्रेन, स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

चंडीगढ़, 27 मई। हरियाणा देश की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल रेल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डेमू ट्रेन मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने इसे हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना भारत को भविष्य की स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में नई पहचान दिलाएगी।
जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन
रेलवे बोर्ड ने जींद और सोनीपत के बीच 10 कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डेमू ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता के साथ तैयार की जाएगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना हरियाणा को ग्रीन ट्रांसपोर्ट और आधुनिक रेल तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी।
हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिक तकनीकों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन इसी बदलाव का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन आधारित रेल सेवाएं भविष्य के परिवहन मॉडल को नई दिशा देंगी। इससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
हरियाणा में निवेश और उद्योगों को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार के अनुसार इस परियोजना से हरियाणा में औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी। आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार से निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे और प्रदेश में नई तकनीक आधारित रोजगार संभावनाएं तैयार होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के आने से हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर सकता है।
हाइड्रोजन ट्रेन क्यों है खास?
हाइड्रोजन ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
डीजल की तुलना में बेहद कम प्रदूषण
पर्यावरण अनुकूल ग्रीन एनर्जी तकनीक
कम शोर और बेहतर ऊर्जा दक्षता
भविष्य के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा
कार्बन उत्सर्जन घटाने में सहायक



