गुरुग्राम से हरियाणा का नया औद्योगिक रोडमैप: ‘मेक इन हरियाणा’ के साथ 9 सेक्टरल पॉलिसियों का होगा आगाज़
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में 1 जून को होगा बड़ा निवेश सम्मेलन, उद्योग और रोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद

गुरुग्राम/चंडीगढ़, 31 मई 2026। हरियाणा सरकार राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। 1 जून 2026 को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले विशेष उद्योग एवं निवेश कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक रणनीति का अनावरण किया जाएगा। इस दौरान सरकार अपनी प्रमुख ‘मेक इन हरियाणा’ नीति के साथ नौ नई क्षेत्र-विशेष औद्योगिक नीतियां भी लॉन्च करेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। आयोजन में देश-विदेश के निवेशक, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, एमएसएमई उद्यमी, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारक हिस्सा लेंगे।
निवेश आकर्षित करने पर रहेगा विशेष फोकस
नई नीतियों का उद्देश्य राज्य में उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहित करना, निवेश प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से न केवल औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी बल्कि रोजगार सृजन के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा कारोबार को आसान बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैयार की गई नई नीति व्यवस्था
सरकार की नई नीति संरचना उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जिनमें भविष्य में तेज़ विकास की संभावनाएं हैं। इनमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, एवीजीसी (Animation, Visual Effects, Gaming and Comics), फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, खिलौना निर्माण, खेल सामग्री, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। राज्य की मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निकट होने का लाभ, आधुनिक बुनियादी ढांचा और विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
निवेशकों के साथ होंगे अहम समझौते
आयोजन के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किए जाने की संभावना है। इससे राज्य में आने वाले समय में नए निवेश प्रोजेक्ट्स का मार्ग प्रशस्त होगा और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि निवेशकों की बढ़ती रुचि हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और विकास मॉडल पर बढ़ते विश्वास का संकेत है।
क्या होगा असर?
राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना।
विभिन्न उद्योगों में नए रोजगार अवसरों का सृजन।
एमएसएमई क्षेत्र को विस्तार और प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक उत्पादन और निर्यात क्षमता में वृद्धि हो सकती है।
गुरुग्राम सहित अन्य औद्योगिक जिलों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
हरियाणा की पहचान एक उभरते वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में मजबूत हो सकती है।



