चंडीगढ़ में होगा लोकतांत्रिक विमर्श का बड़ा मंच, CPA सम्मेलन में भविष्य के भारत पर होगी चर्चा
विकसित भारत-2047, AI और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर देशभर के जनप्रतिनिधि करेंगे विचार-मंथन

चंडीगढ़, 7 जून। देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और भविष्य की चुनौतियों पर व्यापक चर्चा के उद्देश्य से राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) इंडिया रीजन जोन-2 का तीन दिवसीय सम्मेलन 8 से 10 जून तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। हरियाणा विधानसभा की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन में कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक और संसदीय मामलों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सम्मेलन का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर रहेगा फोकस
सम्मेलन के दौरान इस बात पर चर्चा होगी कि बदलते सामाजिक और तकनीकी दौर में विधानमंडल राष्ट्र निर्माण में किस प्रकार अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण देंगे। इस अवसर पर हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती विशेष डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की जाएगी।
टैगोर थिएटर में होगी सांस्कृतिक संध्या
सम्मेलन के पहले दिन शाम को टैगोर थिएटर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय संविधान की भावना और देश की सांस्कृतिक विविधता को मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
विकसित भारत-2047 पर तीन अहम सत्र
9 जून को आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों में “विकसित भारत-2047” को केंद्र में रखते हुए भविष्य की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न राज्यों से आए जनप्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ इस दौरान अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।
इन चर्चाओं में जागरूक समाज, प्रभावी जनप्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे विषयों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
AI और मानवाधिकार पर विशेष चर्चा
सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मानवाधिकारों पर आधारित सत्र होगा। इसमें आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव और विधायी संस्थाओं के सामने उभर रही चुनौतियों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (HIPA) के महानिदेशक मनोज यादव इस विषय पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। माना जा रहा है कि यह चर्चा भविष्य की नीति निर्माण प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है।
समापन सत्र में वरिष्ठ नेता करेंगे संबोधन
सम्मेलन के अंतिम दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों के सम्मान में विशेष औपचारिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।



