हरियाणा में बिजली क्षेत्र को मिलेगा टेक्नोलॉजी बूस्ट, मनोहर लाल ने दिए स्मार्ट मीटरिंग और सोलर विस्तार के निर्देश

चंडीगढ़: हरियाणा में बिजली व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाने, स्मार्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने और वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि बढ़ती बिजली मांग के साथ-साथ वितरण क्षेत्र में होने वाले वित्तीय नुकसान को कम करना भी उतना ही जरूरी है।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बिजली क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली निगमों को तकनीकी सुधारों पर तेजी से काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली केवल एक सेवा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन भी है, इसलिए इसके उत्पादन और वितरण को अधिक प्रभावी बनाना समय की जरूरत है।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी प्रीपेड मीटरिंग
बैठक में स्मार्ट और प्रीपेड मीटरिंग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि इन योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाए।
योजना के पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के आवासीय परिसरों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद अधिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों तक इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और बिजली चोरी व बकाया भुगतान जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
हरियाणा के पास जरूरत से ज्यादा बिजली क्षमता
समीक्षा बैठक में राज्य की मौजूदा और भविष्य की बिजली जरूरतों का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के पास वर्तमान समय में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है, जो राज्य की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
इस कुल क्षमता में लगभग 9,930 मेगावाट बिजली तापीय, गैस और परमाणु स्रोतों से प्राप्त होती है, जबकि 6,622 मेगावाट से अधिक क्षमता जलविद्युत, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों से हासिल की जा रही है।
2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य
हरियाणा सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े स्तर पर काम कर रही है। राज्य में 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस पहल से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूफटॉप सोलर परियोजनाएं भविष्य में बिजली उत्पादन के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।



