रोडवेज कर्मचारियों के बीच पहुंचे परिवहन मंत्री अनिल विज, बोले- चिट्ठी भेजते तब भी होता समाधान
अंबाला छावनी में यूनियन सदस्यों से मिले मंत्री, 9 जून को अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ होगी अहम बैठक

चंडीगढ़, 24 मई। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने शनिवार को अंबाला छावनी में रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के सैकड़ों सदस्य अपनी मांगों को लेकर उनकी कॉलोनी के बाहर पहुंचे, जिसके बाद मंत्री अनिल विज स्वयं कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान परिवहन मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन करने की भी जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी केवल पत्र भेज देते, तब भी उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाती।
यूनियन पदाधिकारियों से लिया ज्ञापन
रोडवेज कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपा। अनिल विज ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विभागीय अधिकारियों से बातचीत शुरू कर दी गई है। मंत्री ने घोषणा की कि आगामी 9 जून को वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और यूनियन पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कर्मचारियों की सभी मांगों और समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की जाएगी।
कर्मचारियों के बीच जाकर दिया संवाद का संदेश
अंबाला छावनी में रोडवेज कर्मचारियों के बीच सीधे पहुंचकर अनिल विज ने संवाद और समाधान की राजनीति का संदेश देने की कोशिश की। कर्मचारियों ने भी मंत्री के इस कदम का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लंबित मांगों का जल्द समाधान निकलेगा।
पहले भी कर्मचारियों के बीच पहुंच चुके हैं विज
यह पहला मौका नहीं है जब अनिल विज कर्मचारियों के आंदोलन के बीच पहुंचे हों। इससे पहले ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के सदस्य भी अपनी मांगों को लेकर अंबाला छावनी पहुंचे थे। उस समय भी मंत्री स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और कर्मचारियों से ज्ञापन लिया था।
क्या हैं रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
हालांकि यूनियन की ओर से सभी मांगों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन कर्मचारियों के बीच लंबे समय से सेवा शर्तों, सुविधाओं, भर्ती, वेतन और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे उठते रहे हैं। अब 9 जून को होने वाली बैठक पर कर्मचारियों और विभाग दोनों की नजरें टिकी हैं।



