CM नायब सैनी ने कोटला कलां के श्री राधा-कृष्ण मंदिर में किए दर्शन, बोले- आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

चंडीगढ़, 3 सितंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश के कोटला कलां स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर और संत बाबा बाल जी आश्रम पहुंचकर माथा टेका। मुख्यमंत्री ने पूज्य राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटला कलां के श्री राधा-कृष्ण मंदिर और बाबा बाल जी महाराज के पावन आश्रम में पहुंचकर उन्हें श्रद्धा, शांति और आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने संत बाबा बाल जी महाराज द्वारा भक्ति संगीत, सत्संग और भक्तमाल कथाओं के जरिए समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के प्रयासों की सराहना की।
‘हमारी सीमाएं अलग, लेकिन भावनाएं एक’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आध्यात्मिकता और तपस्या की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति में सेवा, सरलता और अध्यात्म का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक रूप से भले ही अलग राज्य हैं, लेकिन दोनों राज्यों की संस्कृति, आस्था, संस्कार और आपसी संबंध लोगों को जोड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सीमाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी भावनाएं एक हैं।”
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कर्मयोग की प्रेरणा देता है
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन कर्मयोग की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
नायब सैनी ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए भी कर्मयोग की भावना जरूरी है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व को ईमानदारी और निष्ठा से निभाएगा, तभी समाज और देश को मजबूत बनाया जा सकेगा।
‘आधुनिक बनें, लेकिन अपनी जड़ों से न कटें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक बनना अच्छी बात है, लेकिन आधुनिकता का मतलब अपनी जड़ों से दूर होना नहीं होना चाहिए। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और भारतीय मूल्यों की जानकारी होना जरूरी है।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने नशे को युवा पीढ़ी के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से इससे दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, योग, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मंदिर, आश्रम और संत समाज युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन को नशे का गुलाम न बनने दें और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज एवं देश के निर्माण में करें।



