661 करोड़ बैंक घोटाला: भ्रष्टाचार मामले में फंसे IAS पंकज अग्रवाल निलंबित, हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने 661 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी एवं आर्किटेक्चर विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल (बैच-2000) को निलंबित कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उन्हें 22 जून 2026 से प्रभावी मानते हुए अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत सस्पेंड किया गया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे 48 घंटे से अधिक समय तक CBI की हिरासत में रहे।
CBI जांच के बाद सरकार ने उठाया कदम
सरकारी आदेश के मुताबिक, भ्रष्टाचार और आपराधिक कदाचार से जुड़े मामले में CBI ने जांच शुरू करने से पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17(ए) के तहत राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। हरियाणा सरकार ने 11 मई 2026 को जांच की स्वीकृति दी, जिसके बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए 22 जून को पंकज अग्रवाल को हिरासत में ले लिया।
पंचकूला FIR से जुड़ा है मामला
यह मामला पंचकूला में दर्ज एफआईआर संख्या-04 (23 फरवरी 2026) से संबंधित है। बाद में हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के आधार पर जांच CBI को सौंप दी गई। CBI ने इसे RC2212026E0005 के रूप में दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू की है।
निलंबन के दौरान मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
सरकार के आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान पंकज अग्रवाल को नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) मिलेगा। उनके मुख्यालय (हेडक्वार्टर) के संबंध में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

अब तक तीन IAS अधिकारी निलंबित
661 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में हरियाणा सरकार अब तक तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले राम कुमार सिंह (आरके सिंह) और प्रदीप कुमार डागर को भी निलंबित किया जा चुका है। पंकज अग्रवाल इस मामले में निलंबित होने वाले तीसरे IAS अधिकारी हैं।
क्या है 661 करोड़ बैंक घोटाला?
यह मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और फर्जी वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी फंड को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और शेल कंपनियों के जरिए इधर-उधर किया गया। इसी मामले में पंचकूला नगर निगम के पूर्व आयुक्त आरके सिंह को CBI पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, IAS अधिकारी प्रदीप कुमार डागर भी इसी मामले में जांच एजेंसी के रडार पर हैं और उनकी तलाश जारी है।



