आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, छह महीने में NIA पंचकूला पहुंचे 50 हजार से ज्यादा मरीज
हर दिन 400-500 मरीज ले रहे उपचार, 12 विशेषज्ञ ओपीडी और 250 बेड की आधुनिक आईपीडी सुविधा से मिल रहा लाभ

पंचकूला, 13 जुलाई: आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), पंचकूला में देखने को मिल रहा है, जहां वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही 50 हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। संस्थान में प्रतिदिन औसतन 400 से 500 मरीज विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 42,030 मरीजों ने उपचार कराया था। वहीं, 2025 में मरीजों की संख्या बढ़कर 80,878 पहुंच गई। अब 2026 के केवल छह महीनों में ही लगभग 50 हजार मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ ले चुके हैं, जो आयुर्वेद के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
कई राज्यों से पहुंच रहे मरीज
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। संस्थान में विशेष रूप से कायचिकित्सा, पंचकर्म, शल्य तंत्र, शालाक्य तंत्र (नेत्र एवं ईएनटी), प्रसूति एवं स्त्री रोग, त्वचा एवं सौंदर्य चिकित्सा सहित कई विभागों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आधुनिक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ
आयुष मंत्रालय के अधीन संचालित इस संस्थान में कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीन इंचार्ज प्रो. सतीश गंधर्व ने कहा कि आधुनिक जांच सुविधाओं और अनुभवी आयुर्वेद विशेषज्ञों की उपलब्धता के कारण मरीजों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। उपचार के सकारात्मक परिणामों ने भी लोगों को आयुर्वेद की ओर आकर्षित किया है।
योग, पंचकर्म और फिजियोथेरेपी की भी सुविधा
उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि संस्थान केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है। यहां आयुर्वेदिक उपचार के साथ योग, पंचकर्म, फिजियोथेरेपी और अन्य सहायक चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध हैं। जोड़ों का दर्द, रीढ़ की समस्याएं, त्वचा रोग, स्त्री रोग, पंचकर्म चिकित्सा, नेत्र और ईएनटी से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंच रहे हैं।
12 विशेषज्ञ ओपीडी और 250 बेड की सुविधा
मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल ने बताया कि संस्थान में 12 विशेष ओपीडी संचालित की जा रही हैं। इनमें कायचिकित्सा, पंचकर्म, प्रसूति एवं स्त्री रोग, शल्य तंत्र, नेत्र रोग, ईएनटी, बाल रोग, विष चिकित्सा, त्वचा एवं सौंदर्य चिकित्सा, स्वास्थ्य संरक्षण एवं योग सहित आपातकालीन सेवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा संस्थान में 250 बेड की आधुनिक आईपीडी (इनडोर पेशेंट विभाग) संचालित है, जहां गंभीर और लंबे समय से बीमार मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जाता है।



