Haryana

Haryana Police: स्निफर डॉग्स बने नशा तस्करों के दुश्मन, 6 महीने में 48 NDPS केस का खुलासा

Haryana Police: हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स भी पुलिस की बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने स्निफर डॉग्स की मदद से 48 एनडीपीएस (NDPS) मामलों का खुलासा किया।

इन अभियानों के दौरान पुलिस ने हेरोइन, स्मैक, गांजा, चरस, अफीम, डोडा पोस्त और चूरा पोस्त समेत बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए। पुलिस का कहना है कि प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की सूंघने की क्षमता और डॉग हैंडलर्स के साथ उनका तालमेल नशा तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचने में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।

बोल्ट, रैम्बो और रोमियो बने स्टार स्निफर डॉग्स

वर्ष 2026 की पहली छमाही में बोल्ट (HK132) ने सबसे अधिक 15 एनडीपीएस ऑपरेशनों में भाग लिया। रैम्बो (HK133) ने 14 मामलों और रोमियो (HK131) ने 12 मामलों में पुलिस की मदद की।

रैम्बो की सहायता से आदमपुर में 5 क्विंटल 50 किलोग्राम 300 ग्राम डोडा पोस्त की सबसे बड़ी बरामदगी हुई, जो इस अवधि की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी गई।

वाहन, गोदाम और खेतों तक में खोज लेते हैं नशा

प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स वाहन, मकान, गोदाम, खेत और अन्य स्थानों पर छिपाकर रखे गए मादक पदार्थों का सटीक पता लगाने में सक्षम हैं। कई मामलों में इनकी मदद से पुलिस नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क तक भी पहुंची है।

कई जिलों में बड़ी बरामदगी

स्निफर डॉग्स की सहायता से विभिन्न जिलों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • आदमपुर से 5.50 क्विंटल डोडा पोस्त
  • फतेहाबाद से 10.160 किलोग्राम डोडा पोस्त
  • फरीदाबाद से 6.56 किलोग्राम गांजा
  • 4.735 किलोग्राम और 3.790 किलोग्राम डोडा पोस्त
  • 3.50 किलोग्राम और 1.2 किलोग्राम गांजा
  • 105.08 ग्राम चरस सहित अन्य मादक पदार्थ शामिल हैं।

डॉग हैंडलर्स की भी अहम भूमिका

इन अभियानों की सफलता में डॉग हैंडलर्स की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। सिपाही अनिल, सुनील, रीत, प्रदीप, विकास और रविंदर ने अपने-अपने स्निफर डॉग्स के साथ उत्कृष्ट तालमेल बनाकर कई ऑपरेशनों को सफल बनाया।

वैज्ञानिक तरीके से दी जाती है ट्रेनिंग

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) संदीप सिंह कश्यप के अनुसार, प्रत्येक स्निफर डॉग और उसके हैंडलर को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के आधार पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें विभिन्न मादक पदार्थों की पहचान, संदिग्ध स्थानों की तलाशी, साक्ष्यों की सुरक्षा और ऑपरेशन के दौरान अनुशासित तरीके से कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

हरियाणा पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और जनसहयोग के माध्यम से “नशा मुक्त हरियाणा” अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

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