Haryana Politics: खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर कांग्रेस का दावा, खेल नीति और HKRN को लेकर सरकार पर बोला हमला

Haryana Politics: चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में हरियाणा कांग्रेस ने खिलाड़ियों, खेल नीति और रोजगार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की, साथ ही दावा किया कि राज्य की पुरानी खेल नीति ने इस सफलता की मजबूत नींव रखी थी।
कॉमनवेल्थ पदक विजेताओं को दी बधाई
कुरुक्षेत्र से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश की कुल आबादी का केवल लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन पदकों के मामले में देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से 7 गोल्ड हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते, जो प्रदेश की खेल प्रतिभा का प्रमाण है।
खेल नीति को लेकर सरकार पर सवाल
अशोक अरोड़ा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की खेल नीति के कारण खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिला, जिसका असर आज भी पदकों के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य के कॉमनवेल्थ खेलों की सह-मेजबानी हरियाणा को दी जाए, ताकि राज्य के खिलाड़ियों और खेल ढांचे को और मजबूती मिल सके।
HKRN पर कांग्रेस का हमला
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि यह व्यवस्था युवाओं के हितों के बजाय ठेका प्रणाली को बढ़ावा दे रही है और रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अशोक अरोड़ा ने घोषणा की कि 19 अगस्त को कांग्रेस HKRN के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेगी और इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएगी।
2030 कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की मांग
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद ने कहा कि जब देश के लिए सबसे अधिक पदक हरियाणा के खिलाड़ी जीतते हैं, तो 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को भी मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि इससे प्रदेश में खेलों को और बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और भर्ती व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
रोहतक से विधायक बीबी बत्रा ने आरोप लगाया कि HKRN के माध्यम से युवाओं को नियमित रोजगार के बजाय संविदा व्यवस्था में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने वाले युवाओं को स्थायी अवसर मिलने चाहिए।



