हरियाणा के युवाओं को CM सैनी का बड़ा संदेश: नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें; 25 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

गुरुग्राम, 21 अगस्त। हरियाणा में युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित Gen-H Startup Summit–युवा उद्यमी चौपाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने Gen-Z युवाओं और युवा उद्यमियों के साथ सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से बदलती तकनीक, इनोवेशन और नए बिजनेस मॉडल को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपना व्यवसाय खड़ा कर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं के नए विचारों को सही दिशा, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहयोग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिले।
आइडिया से कारोबार तक पहुंचाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री के मुताबिक हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा और नए प्रयोग करने की क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि उनके विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए उचित प्लेटफॉर्म और संसाधन उपलब्ध हों।
सरकार की उद्यमिता नीति का फोकस Idea से Enterprise और Enterprise से Employment की दिशा में आगे बढ़ने पर है। यानी युवा किसी नए विचार की पहचान करने के बाद उसे कारोबार में बदलें और उस कारोबार के जरिए अपने साथ दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार पैदा करें।
इस प्रक्रिया में शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, स्टार्टअप्स और अन्य संस्थाओं को साथ जोड़कर युवाओं के लिए बेहतर उद्यमिता इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
12,500 स्टार्टअप से 25 हजार से ज्यादा का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस समय करीब 12,500 स्टार्टअप हैं। उन्होंने मौजूदा स्टार्टअप संस्थापकों से आगे नए उद्यम खड़े करने का आह्वान किया, ताकि हरियाणा में स्टार्टअप का नेटवर्क और मजबूत हो सके।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 25 हजार से अधिक स्टार्टअप का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए युवाओं को फंडिंग, मेंटरशिप, तकनीकी सहयोग और बाजार की जरूरतों को समझने में सहायता देने की बात कही गई।
छह मास्टर क्लासरूम में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
Gen-H Startup Summit में युवाओं के लिए छह अलग-अलग मास्टर क्लासरूम बनाए गए। इनमें सफल उद्यमियों ने स्टार्टअप शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी।
प्रत्येक क्लासरूम में करीब 50 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को MSME इकाइयों से जोड़ने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया, ताकि उन्हें वास्तविक कारोबारी माहौल को समझने और अपने आइडिया को बेहतर तरीके से विकसित करने का अवसर मिल सके।
Startup Room में फंडिंग और कारोबार की जानकारी
समिट में बनाए गए Startup Room में अनुभवी उद्यमियों ने नए कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं से बातचीत की। यहां स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया, बिजनेस को आगे बढ़ाने और सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
बैंकों की ओर से ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। वहीं स्किल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने युवाओं को जरूरी प्रशिक्षण और कौशल विकास के संबंध में जानकारी दी।
दिसंबर तक प्रदेशभर में जाएगी ‘युवा उद्यमिता यात्रा’
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘युवा उद्यमिता यात्रा’ रही। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर इस यात्रा की शुरुआत की।
यह यात्रा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ITI, कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेगी। यात्रा के जरिए युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी जाएगी।
यात्रा के दौरान प्रदर्शनियां और बैंक स्टॉल लगाने की भी योजना है, ताकि युवाओं को एक ही स्थान पर उद्यमिता से संबंधित जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन मिल सके।
45 हजार से ज्यादा आइडिया, 400 युवा उद्यमियों की भागीदारी
Gen-H Startup Summit में हरियाणा के युवाओं की उद्यमशील सोच भी सामने आई। राज्य के Ideathon में अब तक 45 हजार से अधिक आइडिया सामने आने की जानकारी दी गई। वहीं करीब 400 युवा उद्यमियों ने समिट में हिस्सा लिया।
कुछ चयनित उद्यमियों ने राउंडटेबल चर्चा में अपने अनुभव साझा किए। इससे नए स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं को यह समझने का अवसर मिला कि किसी विचार को शुरुआती स्तर से सफल कारोबार तक पहुंचाने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
AI और रोबोटिक्स पर भी युवाओं को आगे बढ़ने की सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में Artificial Intelligence, Robotics और Innovation की भूमिका और बढ़ेगी। ऐसे में युवाओं के लिए नई तकनीकों को सीखना और उनका व्यावहारिक इस्तेमाल समझना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर उत्पाद और सेवाएं विकसित करने की दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित किया।
युवाओं ने पूछे सवाल, CM ने दिया सीधा जवाब
Gen-H कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और युवाओं के बीच सीधा संवाद भी हुआ। युवाओं ने स्टार्टअप फंडिंग, ट्रेनिंग, तकनीकी सहायता, रोजगार और भविष्य के अवसरों से जुड़े सवाल पूछे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके विचारों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से असफलताओं से सीख लेने और लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
Impact: हरियाणा में रोजगार की दिशा बदलने की कोशिश
‘युवा उद्यमी चौपाल’ और ‘युवा उद्यमिता यात्रा’ जैसी पहल का व्यापक असर यह हो सकता है कि स्टार्टअप और स्वरोजगार की जानकारी केवल बड़े शहरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित न रहे।
अगर यात्रा के माध्यम से ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी फंडिंग, ट्रेनिंग, मेंटरशिप और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है, तो स्थानीय स्तर पर नए कारोबार और रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। खासकर AI और नई तकनीक आधारित बिजनेस में युवाओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को फंडिंग, बाजार, मेंटरशिप और लंबे समय तक संस्थागत सहयोग कितनी प्रभावी तरीके से मिलता है।
सरकार का संदेश—युवा बनें बदलाव के वाहक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की युवा शक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा और नए विचारों को आर्थिक विकास से जोड़ना है।
Gen-H Startup Summit के जरिए सरकार ने युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि नया कारोबार शुरू करने के लिए केवल आइडिया ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, तकनीक, वित्त और लगातार मेहनत भी जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि हरियाणा का युवा नौकरी तलाशने के बजाय नए अवसर और रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बने।



