आदमपुर झाड़सा में धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई से गरमाई सियासत, राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार को घेरा

चंडीगढ़। गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित आदमपुर झाड़सा गांव में प्राचीन मंदिरों, गौशाला और समाधि स्थल को तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा एक ओर मंदिर और धर्म के नाम पर राजनीति करती है, जबकि दूसरी ओर उसके शासन में वर्षों पुराने धार्मिक और आस्था के केंद्रों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई को सरकार के कथित दोहरे चरित्र और धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया।
वर्षों से आस्था का केंद्र रहा बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, आदमपुर झाड़सा गांव में बाबा बालकनाथ मंदिर, गौशाला और समाधि स्थल लंबे समय से स्थानीय लोगों और संत समाज की आस्था से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार, दशकों पहले गांव की पंचायत की ओर से बाबा बालकनाथ आश्रम और पूजा-पाठ के लिए यह जमीन दी गई थी। परिसर में नियमित धार्मिक गतिविधियों के साथ गौसेवा भी होती रही है।
राव नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 16 घंटे तक कार्रवाई की। उनके अनुसार, शिव मंदिर को छोड़कर पांच अन्य मंदिरों, गौशाला और समाधि स्थल को ध्वस्त किया गया।
मूर्तियां हटाने और गायों को स्थानांतरित करने पर सवाल
राव नरेंद्र सिंह ने धार्मिक स्थलों से मूर्तियों को रातों-रात हटाए जाने और गौशाला में मौजूद करीब 35 गायों को दूसरी जगह ले जाने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि धार्मिक स्थलों से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद था, तो उसका समाधान बातचीत और सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए निकाला जाना चाहिए था। उनके अनुसार, सीधे कार्रवाई करना संवेदनशील धार्मिक मामलों में उचित तरीका नहीं है।
सरकारी जमीन के दावे पर कांग्रेस ने मांगा जवाब
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई के पीछे जमीन को सरकारी बताए जाने और पहले नोटिस जारी करने की बात कही जा रही है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों के केंद्र रहे स्थलों के मामले में सरकार ने समाधान का कोई वैकल्पिक रास्ता क्यों नहीं अपनाया।
उन्होंने ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे उन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की, जिनमें आशंका जताई जा रही है कि कार्रवाई से बड़े बिल्डरों या कथित भू-माफिया को लाभ पहुंच सकता है।
भाजपा पर धार्मिक मुद्दों को लेकर हमला
राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकारों पर धार्मिक स्थलों से जुड़े विभिन्न विवादों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और निर्माण कार्य से संबंधित लगाए गए आरोपों, केदारनाथ धाम में सोने की परत को लेकर उठे सवालों और महाकाल धाम से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इन मामलों में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाती रही है।
उन्होंने गुजरात की भाजपा सरकार के उन फैसलों का भी जिक्र किया, जिनके तहत उनके अनुसार अंबाजी, द्वारका और सोमनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों से जुड़े सरकारी सर्किट हाउसों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर सवाल उठे हैं।
कांग्रेस बोली- धर्म राजनीति का हथियार नहीं
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सभी धर्मों, आस्थाओं और धार्मिक स्थलों का सम्मान करती है और देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मंदिरों के नाम पर राजनीतिक समर्थन मांगा जाता है और दूसरी तरफ धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों पर कार्रवाई की जाती है। उनके मुताबिक, यही भाजपा के कथित दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आदमपुर झाड़सा मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण की दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झाड़सा के ग्रामीणों और संत समाज के साथ खड़ी है और धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी मामले में अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।



