Haryana

हरियाणा में 10 दिन के भीतर शुरू होगा पहला ऑनलाइन ट्रांसफर अभियान, नई तबादला नीति 2026 लागू; पुराने नियम खत्म

चंडीगढ़, 9 जुलाई। हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों में पारदर्शिता और तकनीक आधारित व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति-2026 को लागू करते हुए सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और संबंधित एजेंसियों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहला ऑनलाइन ट्रांसफर अभियान समय पर शुरू किया जा सके।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित संस्थाओं को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत तबादला प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी।

अब HRMS रिकॉर्ड ही होगा आधार

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया में कर्मचारियों की पात्रता और मेरिट का निर्धारण एचआरएमएस (HRMS) में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। इसलिए सभी विभागों को कर्मचारियों के कैडर, नियुक्ति तिथि, सेवा अवधि, कार्यकाल और अन्य आवश्यक विवरणों को तुरंत अपडेट और सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि किसी कर्मचारी का रिकॉर्ड अधूरा या गलत पाया जाता है, तो इसका सीधा असर उसकी तबादला पात्रता और मेरिट अंकों पर पड़ सकता है।

NIC तैयार करेगा ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम

नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल के सभी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल विकसित करने, उनका परीक्षण करने और समय पर लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही प्रत्येक विभाग में प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष HRMS लॉगिन भी विकसित किया जाएगा।

2025 की तबादला नीति तत्काल प्रभाव से समाप्त

सरकार ने साफ कर दिया है कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति-2025 अब निरस्त हो चुकी है। इसके तहत शुरू की गई लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई सभी नियमित तबादला प्रक्रियाएं समाप्त मानी जाएंगी। भविष्य में सभी नियमित स्थानांतरण केवल नई नीति-2026 के अनुसार ही किए जाएंगे।

दिव्यांग और चिकित्सा प्रमाण-पत्र पर विशेष निर्देश

नई नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी (UDID) कार्ड तथा अन्य आवश्यक मेडिकल प्रमाण-पत्र तय समय में जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक और अन्य अधिकृत मेडिकल बोर्डों से भी कहा गया है कि पात्र आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं।

बोर्ड और निगम भी अपनाएंगे नई नीति

सरकार ने सभी बोर्डों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थानों को भी मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति-2026 अपनाने या अपनी मौजूदा नीतियों को इसके अनुरूप संशोधित करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य पूरे सरकारी तंत्र में एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना है।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी तबादला प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देता है या किसी प्रकार के बाहरी प्रभाव से प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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