Chandigarh

वीर नारियों के सम्मान में बोले हरियाणा के राज्यपाल, पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए 10 लाख की अनुदान राशि का ऐलान

चंडीगढ़, 13 सितंबर। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के बलिदान को हमेशा याद रखने और उनके परिवारों के सम्मान व कल्याण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान तथा सहयोग केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल रविवार को पंचकूला में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, हरियाणा की ओर से आयोजित वीर नारी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वीर नारियों को सम्मानित किया और उनके त्याग, साहस तथा राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

पूर्व सैनिकों के लिए 10 लाख रुपये की अनुदान राशि

कार्यक्रम में राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए 10 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की सहायता करना समाज का नैतिक दायित्व है।

प्रो. घोष ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए किए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी उपायों का उल्लेख करते हुए वन रैंक वन पेंशन (OROP) के कार्यान्वयन को भी महत्वपूर्ण पहल बताया।

उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया गया है।

वीर नारियों को किया सम्मानित

समारोह में राज्यपाल ने वीर नारियों को सम्मानित करते हुए उनके साहस और त्याग को नमन किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोया है, उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने समाज से अपील की कि वीर नारियों और पूर्व सैनिकों के परिवारों को सम्मान के साथ-साथ जरूरत के समय हरसंभव सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।

रेजांग ला के शौर्य को किया याद

राज्यपाल ने हरियाणा की गौरवशाली सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के असंख्य सैनिकों ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के साथ देश की सेवा की है।

उन्होंने रेजांग ला युद्ध में अहीरवाल क्षेत्र के सैनिकों के वीरतापूर्ण योगदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भारी चुनौतियों के बीच भारतीय सैनिकों ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

प्रो. घोष ने कहा कि सच्चे साहस का मूल्यांकन सैनिकों की संख्या या परिस्थितियों से नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक डटे रहने के संकल्प से होता है। रेजांग ला का बलिदान भारतीय सैन्य शौर्य का ऐसा उदाहरण है, जिसे देश हमेशा याद रखेगा।

सैनिक कल्याण विभाग के बजट में बढ़ोतरी

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से संबंधित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की स्थापना की है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के बजट में 58.93 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 178.14 करोड़ रुपये किया गया है। उनके अनुसार, बजट में यह बढ़ोतरी सरकार की सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

दो पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने ‘पूर्व सैनिक गौरव स्मारिका’ और ‘विकास की बुलंद उड़ान’ नामक दो पुस्तकों का विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि सैनिकों की वीरता और पूर्व सैनिकों के अनुभव देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

ये रहे मौजूद

समारोह में हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद हरियाणा के प्रेसिडेंट कर्नल गोपाल सिंह, राज्यसभा के पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डी.पी. वत्स, परिषद के नेशनल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मेजर जनरल आर.पी.एस. भदौरिया, हरियाणा के प्रांत संचालक प्रताप सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. जे.पी. शर्मा, पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, उपायुक्त सतपाल शर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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