Chandigarh

हरियाणा में रोजगार का डिजिटल मॉडल शुरू, ‘श्रममित्र’ ऐप से घर बैठे मिलेगा काम

अनिल विज बोले- अब लेबर चौक पर इंतजार नहीं, मोबाइल ऐप से सीधे मिलेगा रोजगार

ShramMitra App : हरियाणा सरकार ने असंगठित श्रमिकों और नियोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। श्रम मंत्री अनिल विज ने “श्रममित्र” मोबाइल ऐप लॉन्च करते हुए कहा कि अब श्रमिकों को रोजगार के लिए घंटों लेबर चौक पर खड़ा रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि यह ऐप डिजिटल तकनीक के जरिए श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा, पारदर्शी और त्वरित संपर्क स्थापित करेगा। “श्रममित्र” को हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित किया गया है।

‘इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज’ की तरह करेगा काम

अनिल विज ने बताया कि “श्रममित्र” ऐप एक तरह से इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से श्रमिक अपने मोबाइल फोन पर रोजगार से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सीधे काम देने वाले लोगों से संपर्क कर पाएंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था धीरे-धीरे कम होती जाएगी और रोजगार प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।

नाई, मोची, प्लंबर से लेकर राजमिस्त्री तक एक मंच पर

ऐप में अलग-अलग क्षेत्रों के कुशल और अकुशल श्रमिक अपना पंजीकरण कर सकेंगे। इसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर, वेल्डर समेत कई श्रेणियों के श्रमिक शामिल होंगे।

इसके अलावा नाई, मोची और अन्य स्वरोजगार से जुड़े लोगों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। श्रमिक ऐप पर अपनी कार्य-कुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता की जानकारी दर्ज कर पाएंगे।

नियोक्ताओं को भी मिलेगी सीधी सुविधा

काम देने वाले नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार ऐप पर काम का विवरण अपलोड कर सकेंगे। इसके जरिए वे अपनी जरूरत के मुताबिक श्रमिकों को आसानी से खोज पाएंगे।

ऐप में श्रमिक और नियोक्ता के बीच सीधे संवाद की सुविधा भी होगी, जहां काम की अवधि, मजदूरी राशि और अन्य शर्तों पर चर्चा की जा सकेगी।

75 हजार श्रमिकों का डेटा पहले से अपलोड

श्रम मंत्री ने बताया कि विभाग में पंजीकृत लगभग 75 हजार श्रमिकों का डेटा पहले ही ऐप पर अपलोड किया जा चुका है। श्रम विभाग की टीमें अलग-अलग लेबर चौकों पर जाकर श्रमिकों के मोबाइल फोन में ऐप इंस्टॉल कराने में सहायता करेंगी।

“श्रममित्र” ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इसे हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषा में तैयार किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका उपयोग कर सकें।

जियो-मैपिंग तकनीक से आसान होगी प्रक्रिया

सरकार के अनुसार ऐप में जियो-मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे नियोक्ता अपने नजदीकी क्षेत्र के श्रमिकों को आसानी से खोज सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और काम मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।

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