Haryana

जॉर्जिया से भारत लाया गया हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर, STF की बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता

34 आपराधिक मामलों में वांछित वैनकेट गर्ग का प्रत्यर्पण, जॉर्जिया से भारत का पहला सफल एक्सट्राडिशन

चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर वैनकेट गर्ग का जॉर्जिया से प्रत्यर्पण (Extradition) सुनिश्चित किया है। 11 जून 2026 को भारत पहुंचाए गए वैनकेट गर्ग पर हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं।

विशेष महत्व की बात यह है कि जॉर्जिया से भारत को किया गया यह पहला प्रत्यर्पण माना जा रहा है। वहीं वर्ष 2026 में STF हरियाणा द्वारा सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया गया यह 10वां निर्वासन या प्रत्यर्पण है।

53 सदस्यीय गैंग का सरगना है वैनकेट गर्ग

अंबाला जिले के नारायणगढ़ निवासी वैनकेट गर्ग को उत्तर भारत के सक्रिय अपराधियों में गिना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह लगभग 53 सदस्यों वाले एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन करता था। उसका नेटवर्क अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। गैंग पर हत्या, लक्षित हमले, रंगदारी वसूली, फायरिंग और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

34 मामलों में दर्ज है नाम

हरियाणा STF ने कुख्यात गैंगस्टर वैनकेट गर्गपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वैनकेट गर्ग के खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 23 मामले उसके विदेश भागने से पहले दर्ज किए गए थे। विदेश में रहने के दौरान भी वह कथित तौर पर अपने सहयोगियों के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता रहा, जिसके चलते उसके खिलाफ 11 नए मामले और दर्ज हुए। जांच एजेंसियों के मुताबिक गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल घटनाओं से जुड़ा रहा है, जिनमें नारायणगढ़ में एक राजनीतिक नेता की हत्या और रंगदारी से जुड़े कई फायरिंग कांड शामिल हैं।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल किया था पासपोर्ट

STF की जांच में सामने आया कि वैनकेट गर्ग दिसंबर 2024 में भारत छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचा था। इसके बाद जनवरी 2025 में वह जॉर्जिया चला गया। जांच में यह भी पाया गया कि उसने कथित तौर पर गलत आवासीय जानकारी देकर पासपोर्ट प्राप्त किया था। इस खुलासे के बाद उसके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया और संबंधित पासपोर्ट को फरवरी 2025 में रद्द कर दिया गया।

इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से कार्रवाई

आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए STF हरियाणा ने कई कानूनी और अंतरराष्ट्रीय कदम उठाए। इनमें लुक आउट सर्कुलर (LOC), इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, उद्घोषित अपराधी घोषित कराने की कार्रवाई और अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करना शामिल था। बाद में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता चला, जिसके बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई।

कई देशों और एजेंसियों का रहा सहयोग

इस पूरे अभियान में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), जॉर्जिया स्थित भारतीय दूतावास और कजाखस्तान स्थित भारतीय मिशन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जॉर्जिया और कजाखस्तान की सरकारी एजेंसियों ने भी कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करने में सहयोग दिया।

संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

STF अधिकारियों का कहना है कि वैनकेट गर्ग का प्रत्यर्पण संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि है। पुलिस का दावा है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button