म्हारी सड़क एप पर सरकार सख्त: शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए “म्हारी सड़क एप” को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में आयोजित जनपरिवाद और मासिक समीक्षा बैठकों में एप पर दर्ज कम से कम एक गंभीर शिकायत की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए।
सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क संबंधी शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य एप को अधिक प्रभावी बनाना और लोगों को सड़क समस्याओं के समाधान के लिए एक भरोसेमंद मंच उपलब्ध कराना है।
“म्हारी सड़क एप” का दायरा लगातार बढ़ा
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2025 में एप का दूसरा संस्करण लॉन्च किया गया था, जिसके बाद इसकी कार्यक्षमता और उपयोग में तेजी आई है। विभिन्न विभागों द्वारा अब तक प्रदेश की 1.43 लाख से अधिक सड़कों की मैपिंग की जा चुकी है, जिनकी कुल लंबाई करीब 63 हजार किलोमीटर से ज्यादा है।
सरकार ने सड़कों की जियो-टैगिंग प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि सड़क नेटवर्क की निगरानी डिजिटल रूप से मजबूत हो सके। अधिकारियों के अनुसार एप के जरिए अब तक लगभग 32 हजार शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
टैक्सी चालकों को भी जोड़ा जाएगा अभियान से
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एप के प्रचार-प्रसार को गांवों और शहरों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाए। खासतौर पर ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर सेवाओं से जुड़े टैक्सी चालकों को इस एप से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
सरकार चाहती है कि सड़क पर लगातार रहने वाले ड्राइवर सड़क की खराब स्थिति, गड्ढों और अन्य समस्याओं की जानकारी सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचाएं। इसके लिए आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के दौरान चालकों के मोबाइल में एप डाउनलोड करवाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
लापरवाही पर होगी ब्लैकलिस्टिंग
बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क मरम्मत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि यदि डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP) के दौरान कोई ठेकेदार सड़क की मरम्मत नहीं करता, तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाए।
इसके अलावा जिन फर्मों के खिलाफ तीन बार ऐसी कार्रवाई हो, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी और सड़क गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कई जिलों की शिकायतों पर मुख्यमंत्री नाराज
भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत से जुड़ी कुछ शिकायतों को लेकर बैठक में गंभीर चिंता जताई गई। बताया गया कि कई मामलों में विभाग शिकायतों को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर दूसरे विभागों को ट्रांसफर करते रहे, जिससे समस्याएं लंबे समय तक लंबित रहीं।
इस पर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि नागरिकों की शिकायतों को टालने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी
सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में देरी रोकने के लिए टेंडर प्रक्रिया को भी सरल बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शॉर्ट-टाइम टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए और बिड जमा होने के 10 दिनों के भीतर काम शुरू कर दिया जाए।
इसके अलावा अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों की सड़कों की विशेष निगरानी और मरम्मत पर भी जोर दिया गया है ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को बेहतर सड़क अनुभव मिल सके।
सड़क सौंदर्यीकरण पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पुलों, दीवारों और सड़क किनारे ढांचों के सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें केवल यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश की छवि सुधारने के लिए भी जरूरी हैं। साथ ही अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का नियमित निरीक्षण करने और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया है।



