Chandigarh

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: गौशालाओं को मिलेंगे 820 ई-रिक्शा, गुरुग्राम में बनेगा 1000 MLD का नया जलघर

Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की गौशालाओं को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाईपावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में राज्य की गौशालाओं के लिए 820 ई-रिक्शा खरीदने को मंजूरी दी गई। इन ई-रिक्शा का उपयोग पशुधन की देखभाल, चारा परिवहन और गौशालाओं के दैनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए किया जाएगा। इस योजना पर करीब 10.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

गौशालाओं की क्षमता के अनुसार मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार जिन गौशालाओं में 1,000 तक पशुधन है, उन्हें एक ई-रिक्शा, जबकि इससे अधिक क्षमता वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रदेश में वर्तमान में 770 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें अधिकांश गौशालाओं में एक हजार से कम पशुधन है, जबकि कुछ बड़ी गौशालाओं में दो हजार से छह हजार तक पशुधन की देखरेख की जा रही है।

कैथल में सीवरेज व्यवस्था होगी मजबूत

बैठक में कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में लगभग 12.87 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवरेज लाइन बिछाने की स्वीकृति भी दी गई। यह परियोजना भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और वर्ष 2042 तक की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित की जाएगी। इसके अलावा खेदड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन और नए आरसीसी टैंक निर्माण के लिए लगभग 27.70 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली।

फरीदाबाद में बढ़ेगी पेयजल क्षमता

फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में यमुना नदी के आसपास जलभराव वाले क्षेत्रों में 10 एमएलडी क्षमता के पांच रैनीवेल ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 164.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसका उद्देश्य भविष्य में पेयजल आपूर्ति को मजबूत बनाना है।

गुरुग्राम के बसई में बनेगा 1000 MLD क्षमता का दूसरा जलघर

बैठक में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत बसई गांव में 1000 एमएलडी क्षमता का दूसरा जलघर बनाने को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग 149 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार का मानना है कि इससे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी के बीच जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

टेंडर प्रक्रिया से करोड़ों रुपये की बचत

सरकार ने बताया कि विभिन्न विकास कार्यों की अनुमानित लागत 380.40 करोड़ रुपये थी, लेकिन प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें 363.82 करोड़ रुपये में स्वीकृत किया गया, जिससे करीब 16.58 करोड़ रुपये की बचत हुई।

मुख्यमंत्री ने दिए गुणवत्ता और समयसीमा के निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button