हरियाणा में डेयरी सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, CM नायब सैनी की 5 बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को ₹10 प्रति लीटर तक प्रोत्साहन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से डेयरी व्यवसाय को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ सहकारिता आंदोलन को भी मजबूती मिलेगी।
महिलाओं को मिलेगा ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वीटा को दूध उपलब्ध कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महिला सीएम पैक्स (CMPACS) से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
गांवों में बनेगी ‘सांझी डेयरी’
ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए मुख्यमंत्री ने पंचायत भूमि पर ‘सांझी डेयरी’ स्थापित करने की घोषणा की। इन सामुदायिक डेयरियों में महिलाओं के पशुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पशुपालन की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
दुग्ध पशु खरीदने के लिए मिलेगा रियायती ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ (HDDCF) महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स की सदस्य महिलाओं को दुग्ध पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
दूध उत्पादकों के लिए बढ़ी प्रोत्साहन राशि
सरकार ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत भी राहत दी है। अब HDDCF को दूध आपूर्ति करने वाले दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ा दी गई है।
- ग्रीष्मकाल: ₹5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹7 प्रति लीटर
- शीतकाल: ₹3 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर
सरकार का कहना है कि इससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और डेयरी किसानों की आय में वृद्धि होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, पशुपालकों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि डेयरी क्षेत्र से जुड़े ये फैसले ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देंगे।



