चरखी दादरी में 59वीं राज्य स्तरीय स्कूली कबड्डी प्रतियोगिता का आगाज, प्रदेशभर के खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम

चंडीगढ़, 22 अगस्त। हरियाणा में स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। चरखी दादरी के कैप्टन जिले सिंह स्कूल परिसर में 59वीं राज्य स्तरीय स्कूली कबड्डी प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी जिलों से खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने किया। इस दौरान विधायक सुनील सतपाल सांगवान भी मौजूद रहे। दोनों ने विभिन्न जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
14, 17 और 19 आयु वर्ग के खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में प्रदेशभर की टीमें तीन आयु वर्गों में मुकाबला करेंगी। इनमें 14 वर्ष, 17 वर्ष और 19 वर्ष आयु वर्ग शामिल हैं।
तीन दिवसीय प्रतियोगिता स्कूली खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी अपनी फिटनेस, तकनीक, अनुशासन और खेल भावना का प्रदर्शन करेंगे।
‘खेल और शिक्षा दोनों जीवन के लिए जरूरी’
उद्घाटन समारोह में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों का भी जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना भी विकसित करते हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों को अपने खान-पान और फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। मंत्री ने कहा कि मैदान में मेहनत करने वाले युवा भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश तथा देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
‘खिलाड़ियों का पसीना उन्हें ओलंपिक तक ले जाएगा’
महीपाल ढांडा ने कहा कि आज मैदानों में मेहनत कर रहे युवा खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना और पूरी निष्ठा के साथ अभ्यास करने का आह्वान किया।
शिक्षा मंत्री ने केंद्र की ‘खेलो इंडिया’ पहल और हरियाणा की खेल नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार, खेल सुविधाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती हैं।
गांवों में भी खेल सुविधाओं पर जोर
मंत्री के अनुसार, खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बड़े स्टेडियमों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में योग एवं व्यायामशालाओं जैसी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न खेल एसोसिएशन और फेडरेशन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने के मंच उपलब्ध करा रहे हैं।
महीपाल ढांडा ने विशेष रूप से बेटियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा की बेटियां शिक्षा के साथ खेलों में भी शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
‘खेलों के जरिए विकसित हरियाणा के लक्ष्य को मिलेगी ताकत’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के विकास में खिलाड़ियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं की प्रतिभा इस यात्रा को मजबूती दे सकती है।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में प्रदेश के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चरखी दादरी को बताया खेल और संस्कारों की धरती
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे चरखी दादरी के विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने कहा कि यह जिला खेल प्रतिभाओं के लिए अपनी अलग पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि चरखी दादरी की धरती ने खिलाड़ियों, किसानों और वीर जवानों को देश को दिया है। यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाते रहे हैं।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।



