भ्रष्टाचार पर हरियाणा ACB का बड़ा डिजिटल वार: जल्द लॉन्च होगा मोबाइल ऐप, अब फोटो-वीडियो से होगी शिकायत
पांच महीनों में 67 ट्रैप ऑपरेशन, 83 केस दर्ज; हर दूसरे दिन भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई का दावा

पंचकूला : हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) जल्द ही एक आधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के जरिए आम नागरिक रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायत सीधे ब्यूरो तक पहुंचा सकेंगे। शिकायतकर्ता फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे, जबकि उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी।
पंचकूला स्थित एसीबी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ब्यूरो प्रमुख ए.एस. चावला ने बताया कि यह पहल भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन की भागीदारी बढ़ाने और शिकायत प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
मोबाइल ऐप से सीधे दर्ज होगी शिकायत
प्रस्तावित ऐप में नागरिकों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके माध्यम से लोग भ्रष्टाचार से संबंधित सबूत अपलोड कर सकेंगे, हेल्पलाइन से संपर्क कर सकेंगे और अपने जिले की एसीबी इकाई से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त कर पाएंगे। ब्यूरो का दावा है कि प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों का सत्यापन कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
पांच माह में 83 केस, 67 ट्रैप ऑपरेशन
एसीबी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 83 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि 67 ट्रैप ऑपरेशन में रिश्वत लेते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। ब्यूरो के अनुसार जनवरी से मई तक के 117 कार्यदिवसों में औसतन हर दूसरे दिन एक सफल रेड की गई, जो कार्रवाई की गति को दर्शाता है।
73 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की सिफारिश
भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में विभागीय जांच भी तेज की गई है। पांच महीनों के दौरान 40 विभागीय जांचें दर्ज की गईं, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। पूरी की गई जांचों के आधार पर 63 राजपत्रित अधिकारियों और 10 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वहीं कुछ मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की भी सिफारिश की गई है।
ग्रुप-B और ग्रुप-C कर्मचारी भी गिरफ्त में
ब्यूरो प्रमुख ने बताया कि ट्रैप मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विभिन्न श्रेणियों के सरकारी कर्मचारी और निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। एसीबी ने दावा किया कि प्रभावी जांच और मजबूत पैरवी के चलते इस वर्ष 18 मामलों में 20 आरोपियों को अदालतों से सजा दिलाई गई है। इनमें सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और निजी व्यक्ति शामिल हैं। कई मामलों में दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
शिकायतकर्ताओं और उत्कृष्ट अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
भ्रष्टाचार के खिलाफ सहयोग करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्यूरो विशेष सम्मान योजना भी शुरू कर रहा है। ऐसे शिकायतकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने न केवल रेड को सफल बनाया बल्कि अदालत में गवाही देकर दोषियों को सजा दिलाने में भी मदद की। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसीबी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र, नकद पुरस्कार और पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
ट्रैप मामलों में शिकायतकर्ताओं को राहत
एसीबी ने ट्रैप मामलों में शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए रिवॉल्विंग फंड व्यवस्था को सरल बनाने का फैसला लिया है। अब शिकायतकर्ता द्वारा उपयोग की गई राशि 15 से 20 दिनों के भीतर वापस करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे आम नागरिकों का भरोसा और भागीदारी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सख्त कार्रवाई
ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन जो लोग अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



