Haryana

अंबाला में बनेगा आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं व्हीकल टेस्टिंग सेंटर, शाहपुर में 11 एकड़ जमीन परिवहन विभाग के नाम

अनिल विज बोले- युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण और रोजगार, हर सप्ताह 300 वाहनों की होगी ऑटोमेटेड फिटनेस जांच

चंडीगढ़/अंबाला: हरियाणा में सड़क सुरक्षा और परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अंबाला छावनी के शाहपुर क्षेत्र में प्रस्तावित ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान (IDTR) तथा ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के लिए 11 एकड़ से अधिक भूमि परिवहन विभाग के नाम दर्ज कर दी गई है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि परियोजना को जल्द शुरू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है और एक प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी के साथ समझौता होने की संभावना भी है।

ड्राइविंग लाइसेंस प्रशिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर

परिवहन मंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होने के कारण लोगों को कई बार दूर-दराज के प्रशिक्षण केंद्रों में जाना पड़ता है। नए संस्थान की स्थापना से अंबाला और आसपास के जिलों के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि यह संस्थान ड्राइविंग कौशल को बेहतर बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मशीनों से होगी वाहनों की फिटनेस जांच

परियोजना के तहत स्थापित होने वाला ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन पूरी तरह तकनीक आधारित होगा। यहां वाहनों की फिटनेस जांच अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस केंद्र पर प्रति सप्ताह लगभग 300 वाहनों की तकनीकी जांच की जा सकेगी। जांच के बाद योग्य वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिसकी मान्यता पूरे देश में होगी।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

परिवहन मंत्री के अनुसार इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों रोजगार अवसर पैदा होंगे। संस्थान में प्रशिक्षण, तकनीकी संचालन, प्रशासनिक कार्यों और वाहन परीक्षण जैसी गतिविधियों के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इसके अलावा हजारों युवाओं को आधुनिक ड्राइविंग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कौशल सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और वैज्ञानिक तरीके से वाहनों की फिटनेस जांच होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। तकनीकी खामियों वाले वाहनों की पहचान समय रहते हो सकेगी और उन्हें सड़क पर चलाने से रोका जा सकेगा।

ऑटोमेटेड सिस्टम मानवीय त्रुटियों को कम करेगा और वाहन परीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान की प्रमुख विशेषताएं

  • आधुनिक ड्राइविंग सिमुलेटर आधारित प्रशिक्षण
  • ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक
  • हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल
  • सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर विशेष फोकस
  • कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम

ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन के लाभ

  • पूरी तरह मशीन आधारित फिटनेस जांच
  • वाहनों की तकनीकी स्थिति का सटीक मूल्यांकन
  • फिटनेस प्रमाणपत्र की राष्ट्रीय मान्यता
  • सड़क दुर्घटनाओं में कमी की संभावना
  • वाहन परीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता

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