हरियाणा में प्रिंटिंग विभाग होगा हाईटेक, राज्यपाल ने दिए आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश; खाद्यान्न भंडारण पर भी जोर

चंडीगढ़ : हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यक्षमता, गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीनतम तकनीकों और नवाचार आधारित प्रणालियों को अपनाने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने यह बात हरियाणा लोक भवन में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री राजेश नागर से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान कही। बैठक में विभाग की कार्यप्रणाली, भविष्य की योजनाओं और तकनीकी सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रिंटिंग सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर
बैठक के दौरान राजेश नागर ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से कार्यों को अधिक तेज, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विभागीय प्रक्रियाओं में नवाचार आधारित व्यवस्था लागू करने पर भी बल दिया।
खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
राज्यपाल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में खरीदे गए गेहूं, धान और अन्य खाद्यान्नों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) को हस्तांतरित किए जाने तक सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से संग्रहीत किया जाए।
उन्होंने कहा कि खाद्यान्न की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लोगों तक गुणवत्तापूर्ण अनाज पहुंचे।
खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
राजेश नागर ने राज्यपाल को बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार खाद्य सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के प्रभावी संचालन तथा पात्र लाभार्थियों तक रियायती दरों पर खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा है। साथ ही पीडीएस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भी कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।



