हरियाणा के युवाओं से इतनी नफरत क्यों? राव नरेंद्र सिंह का नायब सैनी सरकार पर हमला, FIR और गिरफ्तारियों पर उठाए सवाल

चंडीगढ़। हरियाणा में युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुग्राम में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR और गिरफ्तारियों को लेकर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने नायब सिंह सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि काले झंडे दिखाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
‘हरियाणा के युवाओं से इतनी नफरत क्यों?’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर हरियाणा के युवाओं से इतनी नाराजगी क्यों है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में विरोध प्रदर्शन के बाद सिविल लाइंस थाने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई और कुछ युवाओं को गिरफ्तार किया गया।
राव नरेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार को युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को समझने के लिए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई से युवाओं के सवालों का समाधान नहीं हो सकता।
गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से गिरफ्तार किए गए युवाओं को तत्काल रिहा करने और दर्ज FIR वापस लेने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तार युवाओं के परिवारों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने सरकार से कहा कि परिवारों को किसी तरह की परेशानी न दी जाए और पूरे मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की जाए।
‘FIR और गिरफ्तारी नहीं, संवाद से हल हों युवाओं के सवाल’
राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील की कि वह पुलिस कार्रवाई के पीछे रहने के बजाय सीधे जनता और युवाओं के बीच जाएं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य, रोजगार और उनके अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत और नीतिगत फैसलों से होना चाहिए। उनके अनुसार, किसी विरोध प्रदर्शन के बाद FIR दर्ज करना या गिरफ्तारी करना समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है।
बाबासाहेब के विचारों का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की स्वतंत्र सोच, अपनी बात रखने की आजादी और अधिकारों का महत्वपूर्ण स्थान है।
राव नरेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि यदि युवा शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने अपनी बात रखते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कैसे माना जा सकता है।
‘आवाज दबाने की कोशिश और बुलंद करेगी’
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसी आंदोलन या आवाज को FIR और गिरफ्तारी के जरिए खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिशें उनके सवालों को और मजबूती से सामने लाएंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा के युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी।



