हरियाणा को टीबी उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता, TB मुक्त भारत ऐप पंजीकरण में देश में दूसरा स्थान

चंडीगढ़। हरियाणा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए टीबी मुक्त भारत ऐप पर 35,229 पंजीकरण के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT), मॉलिक्युलर जांच और मरीजों की देखभाल से जुड़े कई प्रमुख मानकों में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 24 मार्च 2026 से शुरू हुए अभियान के बाद हरियाणा ने टीबी नियंत्रण के अधिकांश मानकों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
49% पहुंचा टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट कवरेज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, औषधि-संवेदनशील फेफड़ों की टीबी से प्रभावित मरीजों के पात्र पारिवारिक संपर्कों में 49 प्रतिशत लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दिया जा चुका है। अभियान शुरू होने के समय यह कवरेज केवल 31 प्रतिशत था। राज्य के 14 जिले 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर चुके हैं।
मॉलिक्युलर जांच और टीबी केयर में भी सुधार
अभियान के दौरान राज्य में 1.50 लाख से अधिक NAAT जांच की गई हैं, जिससे मॉलिक्युलर जांच कवरेज 42 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया है। वहीं, पात्र टीबी मरीजों में 71 प्रतिशत को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के दायरे में लाया जा चुका है। अब राज्य का कोई भी जिला रेड कैटेगरी में नहीं है।
5.31 लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग
टीबी की जल्द पहचान के लिए हरियाणा में अब तक 4,711 स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 5.31 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। इनमें 2.57 लाख से अधिक छाती के एक्स-रे भी शामिल हैं। जांच सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा को 200 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई हैं, जिनमें से 36 मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
जनभागीदारी से अभियान को मिली मजबूती
राज्य में टीबी उन्मूलन अभियान से 22,888 स्वयंसेवक और 2,067 निक्षय मित्र जुड़े हैं। वहीं, 23,962 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र पहल के तहत पोषण किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, निक्षय पोषण योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता भी दी गई है।
अगला लक्ष्य 100% जांच कवरेज
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अगस्त 2026 तक सभी पात्र टीबी मरीजों के लिए 100 प्रतिशत प्रारंभिक NAAT जांच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कम प्रदर्शन वाले जिलों की विशेष निगरानी, फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण और शेष एक्स-रे मशीनों की स्थापना पर भी जोर दिया जाएगा।



