हुड्डा के धरने पर BJP का पलटवार, डॉ. अर्चना गुप्ता बोलीं- “युवाओं के नाम पर सियासी नौटंकी बेनकाब”

चंडीगढ़, 20 अगस्त। हरियाणा में युवाओं के रोजगार और भर्ती व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के रोजगार को लेकर कुछ घंटे का प्रदर्शन करने से कांग्रेस के शासनकाल में भर्ती व्यवस्था से जुड़े सवाल खत्म नहीं हो जाते।
डॉ. गुप्ता ने एक सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने नियुक्ति और बाद में अवशोषण से जुड़े मामले में यह सिद्धांत दोहराया है कि यदि किसी नियुक्ति की शुरुआत ही नियमों के खिलाफ हुई हो, तो केवल लंबे समय तक नौकरी करने के आधार पर उसे वैध नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, अदालत के सामने आए मामले में तीन अधिकारियों के संबंधित पद की सीधी भर्ती परीक्षा में सफल न होने और एक अधिकारी के परीक्षा में शामिल न होने का तथ्य सामने आया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल लंबी सेवा अवधि या सहानुभूति के आधार पर नियुक्ति को नियमित नहीं किया जा सकता।
इसी को आधार बनाते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस से सवाल किया कि अगर उसके शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित थी, तो नियमों से हटकर नियुक्तियों से जुड़े मामले सामने क्यों आए?
“कुछ घंटे का धरना वर्षों के सवालों का जवाब नहीं”
हुड्डा पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कैमरों के सामने कुछ घंटे प्रदर्शन करने से पुराने सवाल खत्म नहीं होते। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा सरकारी नौकरी के लिए वर्षों तक मेहनत करता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है।
उनके मुताबिक, यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी होती है या परीक्षा में सफल न होने वाले व्यक्ति को किसी दूसरे माध्यम से नियुक्ति मिलती है, तो इससे उन युवाओं के साथ अन्याय होता है जो अपनी योग्यता के आधार पर अवसर हासिल करने की तैयारी करते हैं।
BJP ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव का दावा किया
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा में भर्ती प्रक्रिया को “बिना पर्ची, बिना खर्ची, केवल मेरिट और पारदर्शिता” के सिद्धांत पर आगे बढ़ाया है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना है कि युवाओं का भरोसा राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि निष्पक्ष भर्ती और पारदर्शी परिणामों से मजबूत होता है।
कांग्रेस से मांगा जवाब
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासनकाल में भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी और नियमों से जुड़े विवाद क्यों सामने आए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा अब “पर्ची-सिफारिश नहीं, योग्यता के दम पर अवसर” चाहता है और भाजपा सरकार इसी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।



