Chandigarh

NEET री-एग्जाम से पहले हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: छात्रों को मिलेगी फ्री रोडवेज बस सुविधा

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini बोले- एडमिट कार्ड दिखाकर 20 और 21 जून को कर सकेंगे मुफ्त सफर

चंडीगढ़, 24 मई: NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा को लेकर हरियाणा सरकार ने छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए 20 और 21 जून को पूरे हरियाणा में मुफ्त रोडवेज बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्र अपना NEET एडमिट कार्ड दिखाकर हरियाणा रोडवेज की किसी भी बस में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उनके सफर को आसान बनाना है।

छात्रों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य को मजबूत बनाने की अपील की। सरकार का मानना है कि फ्री बस सुविधा से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक और मानसिक दबाव कम होगा।

पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा होगी परीक्षा

NEET-UG 2026 परीक्षा इस बार कथित पेपर लीक विवाद के कारण सुर्खियों में रही। 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में करीब 22 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

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NSUI ने सरकार पर साधा निशाना

National Students’ Union of India (NSUI) ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर दिया है। संगठन ने देशभर में ‘मशाल मार्च’ निकालते हुए परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हैदराबाद में प्रदर्शन के दौरान NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक रोकने में विफल रही है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

NTA और CBI कर रहे जांच

सूत्रों के मुताबिक, National Testing Agency (NTA) के अधिकारियों ने संसदीय समिति को बताया कि पूरा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि कुछ सवाल परीक्षा से पहले बाहर आए थे। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है। NTA ने परीक्षा रद्द करने के फैसले को “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया और कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।

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