Haryana News: सरस्वती नदी संरक्षण और विकास के लिए IIT रुड़की बनाएगी विस्तृत रिपोर्ट, CM नायब सैनी ने दिए निर्देश

Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरस्वती नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन अभियान को नई गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की बैठक में सरस्वती नदी के संरक्षण, विकास और भूजल प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत की पहचान भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदिबद्री सहित सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जाए।
IIT रुड़की तैयार करेगी वैज्ञानिक रिपोर्ट
बैठक में टोंस बेसिन और सरस्वती बेसिन के बीच जल संयोजन तथा भूजल के स्थायी प्रबंधन के लिए IIT रुड़की से परामर्श लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। संस्थान एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें यह अध्ययन होगा कि टोंस नदी और बरसाती जल स्रोतों का पानी सरस्वती नदी तक किस प्रकार पहुंचाया जा सकता है।
350 एकड़ में बन रहा सरस्वती सरोवर
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 350 एकड़ क्षेत्र में सरस्वती सरोवर विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक करीब 10 लाख क्यूसेक मिट्टी की खुदाई का कार्य पूरा हो चुका है।
धार्मिक पर्यटन और भूजल को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से पेयजल और सिंचाई के स्रोत मजबूत होंगे, भूजल स्तर में सुधार आएगा और पिहोवा सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
40 से 50 स्थानों पर लगेंगे साइनेज बोर्ड
सरस्वती नदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से लोगों को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने 40 से 50 प्रमुख स्थानों पर बड़े सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को नदी के इतिहास और महत्व की जानकारी मिल सके।
प्रदूषण रोकने के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरस्वती नदी में किसी भी गांव या शहर का बिना उपचार किया गया पानी नहीं जाना चाहिए। इसके लिए सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए।



