79 करोड़ के घोटाले में फंसे IAS आरके सिंह! CBI रिमांड पर बड़ा खुलासा संभव, संपत्तियों और विदेशी खातों की होगी जांच
पंचकूला नगर निगम फंड मामले में CBI की कार्रवाई तेज, पंचायत विभाग का तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट भी तीन दिन की रिमांड पर

RK Singh CBI Remand: हरियाणा के चर्चित पंचकूला नगर निगम फंड दुरुपयोग मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। निलंबित IAS अधिकारी राम कुमार सिंह (आरके सिंह) और पंचायत विभाग के तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट को विशेष अदालत ने तीन दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
CBI के अनुसार यह मामला पंचकूला नगर निगम के लगभग 79.46 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सरकारी धन को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने के नाम पर बैंक खातों से निकाला गया, लेकिन संबंधित एफडी अस्तित्व में ही नहीं थीं।
फर्जी FD के जरिए सरकारी धन निकालने का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि बैंक खातों से हस्ताक्षरित चेकों के माध्यम से बड़ी रकम निकाली गई और बाद में उसे विभिन्न कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेन-देन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और धन आखिर कहां पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक, मामले में बैंकिंग प्रक्रियाओं के दुरुपयोग और वित्तीय नियमों के उल्लंघन के कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ और करनाल में CBI की छापेमारी
जांच के दौरान CBI ने आरके सिंह से जुड़े चंडीगढ़ और करनाल स्थित परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एजेंसी अब इन दस्तावेजों की जांच कर वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को समझने का प्रयास कर रही है।
विदेशी खातों और संपत्तियों पर भी नजर
जांच के दौरान कुछ वित्तीय लेन-देन, कृषि भूमि खरीद और अन्य संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों के अनुसार एजेंसी कुछ विदेशी बैंक खातों और संपत्ति निवेशों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
इसके अलावा परिवार से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों और संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की जांच भी रिमांड अवधि के दौरान की जा सकती है।
बड़े बैंकिंग घोटाले से जुड़ रही जांच
CBI का मानना है कि पंचकूला नगर निगम का यह मामला हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित बैंकिंग घोटाले की एक महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। इस कथित घोटाले में विभिन्न सरकारी विभागों के करोड़ों रुपये फर्जी एफडी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के जरिए निकालने के आरोप लगे थे।
इस मामले में पहले भी बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।



