
अमृतसर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अमृतसर के रामपुरा में मीडिया से बातचीत के दौरान सैनी ने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
नायब सैनी ने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो नशा बेचने वालों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना था कि पंजाब में नशे से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास और उन्हें इस लत से बाहर निकालने पर भी सरकार विशेष ध्यान देगी। उन्होंने राज्य में कथित गुंडागर्दी को खत्म करने और बेहतर प्रशासन देने का भी दावा किया।
AAP सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
हरियाणा सीएम ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले ईमानदार शासन और युवाओं को रोजगार देने की बातें की गई थीं, लेकिन मौजूदा हालात उन दावों से अलग दिखाई दे रहे हैं।
सैनी ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को लेकर पंजाब का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ता से जुड़े लोगों और उनके करीबियों को फायदा मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
भर्ती को लेकर सरकार पर निशाना
नायब सैनी ने स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्ती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामले में पंजाब सरकार ने अदालत के सामने अपनी गलती स्वीकार की है। इसी आधार पर उन्होंने राज्य सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि कर्मचारी और महिलाएं भी सरकार की नीतियों से परेशान हैं। कर्मचारियों के वेतन और महंगाई भत्ते को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
हरियाणा मॉडल का दिया उदाहरण
नायब सैनी ने पंजाब और हरियाणा की तुलना करते हुए कहा कि हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है और जिलों में मेडिकल कॉलेजों की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में इसी स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भरोसा जताकर भाजपा को मौका देगी। सत्ता मिलने पर हरियाणा में लागू कल्याणकारी योजनाओं को पंजाब में भी लागू करने की बात उन्होंने कही।
नायब सैनी के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नशा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे एक बार फिर चुनावी बहस के केंद्र में आते दिखाई दे रहे हैं।



