हरियाणा लोक भवन में तीज की धूम, राज्यपाल ने कलाकारों के लिए घोषित किया 5 लाख का पुरस्कार

चंडीगढ़, 16 अगस्त। हरियाणा लोक भवन रविवार को तीज के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक गीत-संगीत, लोकनृत्य, झूलों और हरियाणवी संस्कृति की झलकियों के बीच तीज पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से जुड़े कई गणमान्य अतिथियों ने भी शिरकत की।
समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने प्रदेशवासियों को तीज की शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व को हमारी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने वाला अवसर बताया। उन्होंने लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। इसी दौरान राज्यपाल ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कलाकारों के लिए 5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बताया संस्कृति और भाईचारे का पर्व
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी प्रदेशवासियों को तीज की बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीज केवल पारंपरिक उत्सव नहीं, बल्कि हरियाणा की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। ऐसे पर्व परिवार और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
पंजाब और उत्तराखंड से भी पहुंचे मेहमान
समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और उनकी पत्नी अनीता कटारिया मौजूद रहे। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि समारोह में शामिल हुए।
झूले और पारंपरिक स्टॉल बने आकर्षण
तीज उत्सव के लिए लोक भवन परिसर को पारंपरिक अंदाज में सजाया गया था। महिलाओं और बच्चों के लिए लगाए गए झूले खास आकर्षण का केंद्र रहे। परिसर में पारंपरिक सजावटी सामान, मौसमी व्यंजनों और मिठाइयों के स्टॉल भी लगाए गए, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी और खानपान का आनंद लिया।
लोकगीत और नृत्यों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने हरियाणा के ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं और इतिहास को गीत-संगीत व नृत्य के जरिए जीवंत किया। कलाकारों ने देश के अलग-अलग हिस्सों की सांस्कृतिक विविधता की प्रस्तुतियां भी दीं। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का उत्साह के साथ आनंद लिया।
समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन में हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपरा और आधुनिक सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।



