हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना होगा आसान, ई-व्हीकल पॉलिसी में बड़े बदलाव की तैयारी
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिए निर्देश, सब्सिडी सीधे खरीदार को देने की व्यवस्था पर जोर

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ई-वाहन नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी कर रही है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि खरीदारों को वाहन खरीदते समय ही इसका सीधा लाभ मिल सके।
बुधवार को हरियाणा ई-वाहन नीति की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि नीति में ऐसे संशोधन किए जाएं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए लोगों को अधिक प्रोत्साहन मिले।
सीधे लाभार्थी तक पहुंचे सब्सिडी
बैठक में राव नरबीर सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, कार और टाटा मैजिक जैसे ई-वाहनों पर दी जाने वाली सरकारी सहायता सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचनी चाहिए। इससे वाहन खरीदने वालों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा और ई-वाहनों की बिक्री को गति मिलेगी।
दिल्ली मॉडल का अध्ययन करेगी सरकार
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा की मौजूदा ई-वाहन नीति वर्ष 2027 तक प्रभावी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ईवी नीतियों का अध्ययन कर आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए जाएंगे, ताकि राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और मजबूत किया जा सके।
500 इलेक्ट्रिक बसें और 200 चार्जिंग स्टेशन की योजना
बैठक में बताया गया कि एयर क्वालिटी कंट्रोल परियोजना के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से 500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इसके लिए 200 चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाले निवेशकों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई योजनाओं पर काम
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ पुराने थ्री-व्हीलर बदलने पर प्रोत्साहन, स्वच्छ डीजी सेट के उपयोग, उद्योगों में उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (CEMS), धूल और ठोस कचरा प्रबंधन, पराली प्रबंधन, बायो-डीकंपोजर अनुसंधान, वायु गुणवत्ता प्रयोगशालाओं को मजबूत करने तथा CAQM स्टेशनों के विकास जैसे उपायों पर भी काम करेगी।
राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।



