हरियाणा ने GST संग्रह में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 22% ग्रोथ के साथ सभी राज्यों को छोड़ा पीछे
मई 2026 में SGST राजस्व वृद्धि के मामले में हरियाणा बना देश का नंबर-1 राज्य, राष्ट्रीय औसत से लगभग चार गुना बेहतर प्रदर्शन

चंडीगढ़: हरियाणा ने वित्तीय प्रबंधन और कर संग्रहण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) संग्रह की वृद्धि दर में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राज्य ने 22 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इस उपलब्धि ने हरियाणा को राजस्व संग्रह के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का दबदबा
मई 2026 के दौरान एसजीएसटी संग्रह में हरियाणा की वृद्धि दर 22 प्रतिशत रही, जबकि पूरे देश का औसत केवल 6 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस प्रदर्शन के साथ हरियाणा ने अन्य बड़े और विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया।
राज्यों की रैंकिंग में मेघालय दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कर्नाटक और गुजरात क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। इससे स्पष्ट है कि हरियाणा ने कर संग्रहण और राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त बनाई है।
4,456 करोड़ रुपये पहुंचा SGST संग्रह
राज्य के आबकारी एवं कराधान विभाग के अनुसार मई 2026 में हरियाणा का शुद्ध एसजीएसटी संग्रह 4,456 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,649 करोड़ रुपये था। इस प्रकार राज्य के राजस्व में एक वर्ष के भीतर 807 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कर अनुपालन, आर्थिक गतिविधियों में तेजी और डिजिटल निगरानी व्यवस्था ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी रही शानदार
सिर्फ मई माह ही नहीं, बल्कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों में भी हरियाणा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस अवधि में राज्य की संचयी SGST वृद्धि दर 40 प्रतिशत दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 23 प्रतिशत रही। इससे पता चलता है कि हरियाणा का राजस्व आधार लगातार मजबूत हो रहा है और राज्य आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का लाभ उठा रहा है।



