हरियाणा में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बड़ा बूस्ट, ₹2,534 करोड़ की 712 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

चंडीगढ़ | 14 जुलाई : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पेयजल, सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के जरिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क और बरसाती जल निकासी प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना, आधुनिक सीवरेज व्यवस्था विकसित करना और जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के लाखों लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क होगा मजबूत
मंत्री ने बताया कि हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (WSSB) की 59वीं बैठक में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 603.32 करोड़ रुपये की लागत से 69 जलापूर्ति परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा शहरी सीवरेज नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनका लाभ बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, जगाधरी और रोहतक जैसे शहरों को मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश
रणबीर गंगवा ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए 1,108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के तहत नए ट्यूबवेल, नहर आधारित जलघर, बूस्टिंग स्टेशन, नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी पाइपलाइन बदलने जैसे कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाएं तथा 71.58 करोड़ रुपये की लागत से 3 महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इनका लाभ उज्जीना, बबाइन, रामसरण माजरा, उमरी, टिकली सहित कई गांवों को मिलेगा।
सरकार ने तय किए समयबद्ध लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभाग को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागीय परिसरों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, जल शुल्क संग्रहण में सुधार करने और 31 मार्च 2027 तक शहरी जल कनेक्शन कवरेज को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और आधुनिक जल प्रबंधन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इन योजनाओं से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।



