PM के हरियाणा दौरे से पहले कांग्रेस की बड़ी मांग, राव नरेंद्र सिंह बोले- प्रदेश को मिले विशेष राहत पैकेज
चरखी दादरी में शोकसभा के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था, पेपर लीक और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा

चरखी दादरी/चंडीगढ़, 13 जुलाई: हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित हरियाणा दौरे से पहले प्रदेश के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि राज्य इस समय कई गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, युवाओं और आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को ठोस घोषणा करनी चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह रविवार को चरखी दादरी में पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अनिल धनखड़ के पिता स्वर्गीय सत्यवान धनखड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
हरियाणा की स्थिति पर जताई चिंता
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश का किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र और युवा कई समस्याओं से जूझ रहा है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के हरियाणा दौरे के दौरान इन वर्गों के हित में विशेष आर्थिक सहायता और राहत संबंधी घोषणाएं की जानी चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि ही स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की।
राम मंदिर चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
राव नरेंद्र सिंह ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



