हरियाणा में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, CM नायब सैनी ने स्क्रैप वाहन पोर्टल और EV चार्जिंग नेटवर्क पर दिए अहम निर्देश
'अर्जुन एसपीवी' बोर्ड बैठक में स्वच्छ वायु, इलेक्ट्रिक बसों, चार्जिंग स्टेशन और पराली प्रबंधन की योजनाओं की समीक्षा, AI आधारित एयर क्वालिटी सिस्टम पर भी जोर

चंडीगढ़, 13 जुलाई: हरियाणा सरकार ने स्वच्छ वायु, हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रैप (अनुपयोगी) वाहनों के पंजीकरण और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए। साथ ही पूरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित ‘अर्जुन एसपीवी’ (Artificial Intelligence for Resilient Jobs, Urban Air Quality and Next Generation Skills) के निदेशक मंडल की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
ऑनलाइन स्क्रैप वाहन पोर्टल होगा तैयार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नया डिजिटल पोर्टल नागरिकों और सरकारी विभागों दोनों के लिए उपयोगी होगा। इसके माध्यम से पुराने और अनुपयोगी वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण, स्क्रैपिंग प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सकेंगी। इससे वाहन निस्तारण प्रणाली अधिक सरल और जवाबदेह बनेगी।
100 नए EV चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी
बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की गई। सरकार ने प्रदेशभर में 100 नए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार्जिंग सुविधाएं बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आएगी और प्रदूषण कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बसों पर फोकस
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार, बस डिपो निर्माण और चार्जिंग सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अगले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सोनीपत में भी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर विचार किया गया।
पराली प्रबंधन और किसानों के लिए जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने कृषि अवशेष (पराली) प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए मांग आधारित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।
AI से होगी वायु गुणवत्ता की निगरानी
बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निर्णय सहायता प्रणाली, राज्य उत्सर्जन सूची, विभागों के बीच डेटा साझा करने की व्यवस्था और सतत वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि हरियाणा स्वच्छ और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर सके।
विभागीय समन्वय और निगरानी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और तय समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन, शिकायत निवारण प्रणाली, जन-जागरूकता अभियान और विभागों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने पर भी विशेष बल दिया।



