गुरुग्राम को मिलेगा 1054 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक सिविल अस्पताल, HSIIDC को सौंपी गई निर्माण की जिम्मेदारी
400 बेड से होगी शुरुआत, दूसरे चरण में बढ़ेगी क्षमता; लाखों लोगों को मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं

गुरुग्राम/चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए नए सिविल अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया है।
स्वास्थ्य मंत्री Aarti Singh Rao ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस लाइन के निकट बनने वाले इस आधुनिक अस्पताल पर लगभग 1054 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके।
दो चरणों में विकसित होगा अस्पताल
सरकार की योजना के अनुसार अस्पताल का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में 400 बेड की क्षमता वाला आधुनिक चिकित्सा परिसर तैयार किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में अतिरिक्त 200 बेड जोड़कर अस्पताल की कुल क्षमता को और विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ती आबादी वाले गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया स्वास्थ्य केंद्र
प्रस्तावित अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, उन्नत उपचार सुविधाएं और बेहतर रोगी देखभाल व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे मरीजों को बड़े निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी बेहतर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे गुरुग्राम को लंबे समय से बड़े सरकारी अस्पताल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी और गति देने के लिए मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नया अस्पताल बनने के बाद गुरुग्राम, मानेसर, पटौदी, फर्रुखनगर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को आधुनिक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों का रुख करने की आवश्यकता भी कम होगी।



