जनहित के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, गैरहाजिर XEN को नोटिस और SDO के निलंबन की सिफारिश
फतेहाबाद जन परिवाद समिति की बैठक में 14 मामलों पर सुनवाई, 6 शिकायतों का मौके पर समाधान, 8 मामलों की जांच के लिए कमेटियां गठित

फतेहाबाद, 13 जुलाई: हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री फतेहाबाद में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
14 मामलों पर हुई सुनवाई, 6 का मौके पर निस्तारण
बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 14 शिकायतों पर सुनवाई की गई। इनमें से 6 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 8 मामलों में विस्तृत जांच के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया। संबंधित अधिकारियों को अगली बैठक में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
XEN को कारण बताओ नोटिस
बैठक के दौरान जल सेवाएं मंडल, हिसार के कार्यकारी अभियंता (XEN) के बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों से जुड़ी बैठकों में अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
SDO के निलंबन की सिफारिश
सिंचाई विभाग के एक एसडीओ के खिलाफ कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और लगातार लापरवाही की शिकायतों पर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी के निलंबन की सिफारिश विभाग को भेजी जाए, ताकि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
जन परिवाद समिति को बताया प्रभावी मंच
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जन परिवाद समिति केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं है, बल्कि आम लोगों को समय पर न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समिति के प्रत्येक निर्णय का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो। बैठक में पुलिस, शहरी स्थानीय निकाय, कृषि, बिजली निगम और अन्य विभागों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



