देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पर अनिल विज का बड़ा बयान, बोले- तेल और कोयले का विकल्प अपनाना अब वक्त की मांग

चंडीगढ़ | 14 जुलाई : हरियाणा जल्द ही देश के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर से पहले हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अब पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर रहने का समय नहीं है और देश को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ना होगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल विज ने कहा कि तेल और कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और धीरे-धीरे उनकी उपलब्धता कम होती जा रही है। ऐसे में ऊर्जा की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और टिकाऊ विकल्पों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसी सोच के साथ सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसी आधुनिक तकनीकों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
हरियाणा से मिलेगी ग्रीन ट्रांसपोर्ट को नई पहचान
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हरियाणा से होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार यह पहल केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था आने वाले वर्षों में ऊर्जा बचत और प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण दोनों पर फोकस
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलावों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ऊर्जा आने वाले समय में देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बन सकती है।



